Thursday, 15 November 2012

ना भुला पाऊंगा कभी ........

  ना भुला पाऊंगा  कभी ........




 

 

वो  तेरी पलकों का ज़िलमिलाना ,

तेरी जुल्फोंमें वो मेरा खो जाना ,

वो मुझे देख के तेरा मुसकुराना ,

और तेरी हँसी से फूलो का वो खिल जाना,

ना भुला पाऊंगा कभी ......

 

वो तितलियो सा तेरा चलना ,

तेरे हर लफ्ज़ पे मेरा बेहेकना ,

वो तेरा मुझसे लिपट जाना ,

अंगडाई लेके तेरा मुझमे सिमट जाना ,

ना  भुला पाऊंगा कभी ,

 

वो तेरी महेकती सांसे ,

वो तेरे जिस्म की खुश्बू ,

वो तेरी जुल्फों का उलझ जाना,

तेरी उलझी लटों को मेरा सुलझाना ,

ना  भुला पाऊंगा  कभी ........

 

वो मेरा पागलपन,

तेरे प्यार में मेरा वो दिवानापन ,

वो तेरा मुझ पे  हक जताना ,

मेरे रूठने पर मुझे तेरा वो हँसके मनाना ,

 ना भुला पाऊंगा  कभी ........

 

वो सुबहा से तुझे मिलने की आस ,

शाम को वो तेरा इंतजार ,

वो प्यारीसी तेरी बातें ,

वो छोटी सी हमारी मुलाकाते ,

ना भुला पाऊंगा  कभी ........

 

वो तेरा मेरी बातों पे रूठ जाना ,

फिर आके मेरी बाँहों में तेरा सिमट जाना,

शाम को जुदा होने के सबब से ,

वो तेरा उदास होक आंसू बहाना,

ना  भुला पाऊंगा कभी .....

 

वो प्यार में मेरी नासमजी ,

मेरे अरमानो की वो बेबसी ,

बेवकूफों सी वो मेरी गलतियाँ ,

वो हज़ारों तेरी माफियाँ ,

  ना भुला पाऊंगा  कभी ........

 

यूँ अचानक तेरा रूठ जाना ,

हजारों बार वो तुझे मेरा मनाना ,

तेरा मुझे वो अनसुना कर के चला जाना ,

अब फासलें हे जो हमारे दरमियाँ ,

 ना भुला पाऊंगा  कभी ........

 

अब यूँही मेरा कहीं खोजाना ,

रोते-रोते मेरा रातों को वो सों जाना ,

फिर अचानक तेरा सपनों में चले आना ,

हर दम हर पल वो तेरी यादें  ,

ना भूला पाऊंगा कभी ........

 

अब हर दम तुझे ही याद करना ,

हर राह पे मेरा बस तुझे ही ढुंनढ़ना,

फिर थक कर मेरा वो आँखों को मूंदना ,

जो बातें अभी तक कहनीं हे तुझे बाकी ,

 ना  भुला पाऊंगा  कभी ........

 

तेरा मुझे यूँ बिच राह में छोड़ जाना ,

बिना कहे मेरी राहों को यूँ मोड़ जाना,

मेरे दिल को तेरा टुकड़ों में यूँ तोड़ जाना ,

आहटों में भी तेरा प्यारसे मुझे ' सत्या ' बुलाना ,

 ना भुला पाऊंगा  कभी ........

 ना भुला पाऊंगा  कभी ........

 ना भुला पाऊंगा  कभी ........

                                          

                               - ' सत्य ' शिवम्